Friday, March 17, 2023

वोट के लिए जनता को क्यों पिसती है सरकार ?

कल गलती से दिल्ली AIIMS जाना हुआ। अस्पताल में PM JAY (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) काउंटर पर कुछ कागज़ी कार्रवाई के लिए कतार में था तभी पत्रकारिता वाली नज़र में एक ख़बर दिख गई। 

ख़बर केंद्र_सरकार की मनसा को दर्शा रही थी और राज्य सरकारों को उसके जनता के प्रति उदार नीतियों को बता रही थी। सोचा छोड़ देते हैं लेकिन हाथ मोबाइल पर गई और दिमाग में ख़बर गढ़ गई। ये जानते हुए भी की कुछेक लोगों को ये पसंद नहीं आने वाला।

खैर...केंद्र सरकार ने (PM MODI) देश की आबादी के निचले स्तर के 40% परिवारों के लिए (10.74 करोड़ परिवार और 50करोड़ लाभार्थी) गंभीर बीमारी में 5 लाख रुपए तक सहयोग के लिए दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य लाभ बीमा योजना की शुरुआत की। ये सब जानते हैं कि केंद्र सरकार की योजनाएं 29 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होती है। लेकिन AIIMS के PM_JAY के मुख्य काउंटर पर लगे एक बोर्ड में कुछ राज्यों को सुविधा नहीं दिए जाने की जानकारी मुझे खाली।

"सवाल मन में आया की आखिर ऐसा क्यों है ? क्या ये राज्य और यहां की जनता इतने सशक्त हैं की उन्हें इस सुविधा/योजना की जरूरत नहीं है ? क्या सरकार ने इन चिन्हित राज्यों के लिए विशेष सुविध की शुरुआत/प्रावधान किया है ? या यहां की जनता ने केंद की BJP सरकार को बहुमत नहीं दिया इसलिए सरकार ने उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा है। मन में कई सारे सवाल हैं और आते भी क्यों न। जब इन राज्यों पर आप गौर करेंगे तो समझेंगे। जिन राज्यों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है उसमें से ज्यादातर पीएम मोदी और खासकर केंद्र सरकार की कट्टर विरोधी है।

1. दिल्ली - सीएम केजरीवाल, केंद्र सरकार के कट्टर विरोधी हैं और नाक में दम कर रखा है। PM के सपने भी देख रहे हैं।

2. पश्चिम_बंगाल - ममता बनर्जी अपने राज्य में साम-दाम-दंड भेद से बीजेपी को खत्म करने की मनसा में हैं। 2024 में पीएम बनने का सपना कब से मन में समाए बैठी हैं।

3. तेलंगाना - सीएम के चंद्रशेखर राव (KCR) केंद्र की बीजेपी सरकार को रोकने की पूरी जुगत में हैं, और तो और तीसरा मोर्चा बनाने और नेतृत्व करने में कई बार दिखे हैं। बिहार में नीतीश कुमार से लेकर यूपी में अखिलेश तक सब पर दाव अजमाइश कर रहे/चुके हैं।

4.उड़ीसा- मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पूर्ण रूप से विरोधी तो नहीं दिखते हैं, लेकिन इतना समझ लीजिए की कुछ घंटे पहले बंगाल में अखिलेश मायावती की मुलाकात में 3rd Front की चर्चा हुई तो पटनायक साहब को शामिल करने पर सहमति बनी है।

5. राजस्थान- बात उस राज्य की जहां की पार्टी (कांग्रेस) बीजेपी की धुर विरोधी है, और हालिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पार्टी में अहमियत भी तो भला उस राज्य में सुविधा देना संभव कैसे है ?

                           अब सुनिए साल 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने जब झारखंड से इस योजना की शुरुआत की तब कहा गया की इन 5 राज्यों (ऊपर नाम दिया गया है) की सरकार से फिलहाल करार नहीं हुआ है करार होते ही योजना यहां भी लागू हो जायेगी।

लगभग 5 साल बीत गए, इन 5 साल में योजना ने पैर पसारा, हजारों परिवार ने इसका फायदा लिया, सैकड़ों अस्पताल इस योजना में बाद में जुड़े। अब तक कई करार हुए और कई टूट भी गए होंगे लेकिन ना केंद्र ने कोशिश की और ना राज्य सरकानों जरूरी समझा। उसकी राज्य की जनता PM JAY जैसी उपयोगी सुविधा का लाभ मिले। 2018 में PM ने कहा था कि देश 40% वाली ये जनता गंभीर बीमारी से इलाज के कारण होने वाली खर्च में और भी गरीब हो जाती हैं तो फिर इतना प्रखर सोच रखने वाले PM और उनकी कर्तव्य/कर्म परमो धर्म वाली सरकार क्या इन राज्यों की जनता से मोह भंग कर चुकी है। या आगे आने वाले दिनों में अब भी यहां मोदी_लहर का असर और आने वालों चुनावों में जीत की गीत सुनाई नहीं दे रही है तभी सरकार मौन में हैं वरना समीकरण बनाना कैसे है ये इनको बहुत अच्छे से आता है।

खैर सरकारों की इस शीतयुद्ध और चुनावी समीकरण के खेल में अगर कोई पीस रहा है तो वह है जनता जो बस वोट देना जानती है क्योंकि हक देना है या नहीं देना ये सरकार बनने के बाद आका तय करते हैं जो ठीक नहीं।




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