आरोपों के बाद आखिरकार साम, दाम दंड भेद की नीति अपनाने से आज यूट्यूबर मनीष कश्यप पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कस्टडी में है आज कोर्ट में पेशी होगी और रिमांड की बात वगैर-वगैर...
मनीष कश्यप को पुलिस कस्टडी में लगभग 24 घंटे होने वाले हैं इस बीच पुलिस ने कई फ़ोटो सेशन कराएं हैं। जैसे पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार किया हो या मुठभेड़ में पकड़ा है मतलब वाहवाही बटोरने की चाहत।आज सुबह मनीष की 2 और तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिसमें जमीन पर बैठे मनीष कश्यप को डरा- सहमा होने का दावा किया जा रहा है।
कल बेतिया (जगदीशपुर) से पटना लाने के दौरान पुलिस ने चेहरा ढाका था। (कानूनी तौर पर सही है, क्योंकि मनीष पर आरोप हैं वह दोषी नहीं) लेकिन आज पुलिस कस्टडी से मनीष की तस्वीर वायरल क्यों हो रही है ? सवाल_1 क्या तेजस्वी को चुनौती देने वाले मनीष कश्यप की पुलिस ने हेकड़ी निकाल दी ये दिखाने की कोशिश है ?, सवाल_2 क्या सफेदपोश ये सिद्ध करना चाहते की नेताओं को चुनौती देना ठीक नहीं?, सवाल_3 मनीष ने इस स्थिति में जानबूझ कर फोटो वायरल कराया है की उसको प्यार करने वाले उसके समर्थ/दर्शक उसकी मनोदशा को समझ सके ?
सवाल तो और भी कई खड़े होते हैं। इस मुद्दे पर भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि अगर हर कार्रवाई कानूनी सम्मत हो रहा तो ये भी उसी दायरे के अंदर है। किसी भी आरोपी/दोषी की बाहरी दुनिया में अलग छवि है और मनीष कश्यप की मिलियन में फॉलोअर्स ऐसे में उनकी छवि के साथ खेलने के आरोप में पहले पुलिस और EOU की अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुद्दा ये भी है की अगर तस्वीर के साथ राजनीतिक फायदा उठाने की मंशा से ऐसा किया जा रहा हो तो ये लोकतंत्र और कानून के लिए ठीक नहीं है। क्योंकि कानून और संविधान में एक आरोपी/दोषी को भी वहीं अधिकार है जो एक आम इंसान को है ऐसे में अगर ऐसी तस्वीर/वीडियो वायरल होना किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है और मैं इसके लिए बिहार पुलिस, तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार से कहूंगा की कार्रवाई हो लेकिन कानून का उल्लंघन ना हो।


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