आज एक चैनल के #पाठशाला' में पढ़ रहा था। चैनल पूरी तरह से मोदी का ब्रांडिंग करने में लगा था और #अग्निवीर_योजना की फायदे बता रहा था। समाचार चैनल ये सिद्ध करना चाहता था कि मोदी जी #अग्निवीर_योजना लेकर आये हैं इसे सेना के लिए हर साल खर्च होनेवाला 1.02 लाख करोड़ बचेगा तो आगे सेना के लिए आधुनिक हथियार खरीदा जाएगा।
#समझे_कैसे_?
दरअसल सेना में रिटायर होने वाले जवानों की संख्या हर साल बढ़ती है। आंकड़ों के मुताबित 1990 में 1568 करोड़ पेंशन राशि थी जो साल 1999 में बढ़कर 6,932 करोड़ और 2021 में 1.02 लाख करोड़ है। अब जवान जब #अग्निवीर बनेंगे तो ये राशि उनके पेंशन से बचेगी भारतीय सेना युवाओं की फौज रहेगी (चलो यहां तक सही है) बचत होगी जिसका खर्च कहीं और किया जाएगा।
हमने सोचा ये चैनल जो मोदी की ब्रांडिंग के बहाने ही सही 1 बार #सांसदों और #विधायकों पर भी खबर चलाता तो समझ में आता कि फायदा और नुकसान क्या है।
#फैक्ट_समझिए
मंत्री, सांसदों और विधायकों को लेकर देखिये। देश में कुल #788संसद हैं और #4120_विधायक है होते हैं। इनमें देखें तो हर 5 साल पर कुल मिलाकर 4908 जनप्रतिनिधियों को पेंशन निर्धारित होता जबकि इनमें से कई ऐसे भी होते हैं जिन्हें विधायक होने के बाद सांसद/ मंत्री होने का भी पेंशन मिलता है। वो तो धन्य है कि इस बार पंजाब में मुख्यमंत्री #भगवंत_मान ने 1 विधायकी का 75 हज़ार तय कर दिया वार्ना देश सेवा के नाम पर आए जनप्रतिनिधि क्या करते हैं देश सेवा देखिये।
4908*50,000 (मान लेते हैं कम से कम) 24 करोड़,54 लाख प्रति महीना अनुमानि पैसा बचेगा तो क्या होगा देश कहाँ जाएगा ध्यान दें।
मुद्दा है इसे इग्नोर ना करें।
#अग्निपथ के #वीरों के लिए ये बड़ा सम्मान होगा।
.jpeg)
No comments:
Post a Comment